Monday, January 26, 2026

आज की आवाज़ें, कल का निर्माण

 आज की आवाज़ें, कल का निर्माण,
हम बच्चे हैं, पर रखते हैं ज्ञान।
दादी-दादा के संग चलें हाथ में हाथ,
उनका अनुभव, हमारा साथ।

तकनीक की दुनिया में न भूलें प्यार,
बुजुर्गों का सम्मान है सबसे बड़ा उपहार।
उनकी बातों में छिपा है जीवन का सार,
उनके बिना अधूरा है हर त्यौहार।

नई सोच से बनाएँगे नया संसार,
जहाँ हर पीढ़ी को मिले सम्मान और प्यार।
यही है कल का नया नक्शा, यही पुकार,
बुजुर्गों के साथ ही बनेगा भविष्य उज्ज्वल, बेशुमार।

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