Showing posts with label नैन. Show all posts
Showing posts with label नैन. Show all posts

Wednesday, October 8, 2025

नैन

 मुझे नींद ना आये पिया बिन देखे, अब किसे मिले चैन नैन।

हर घड़ी, हर पल, तेरा रूप बस जाए, जग में बस तेरे नैन।


तेरे आने की आहट पे काँप उठे ये दिल का हर दामन,

कहाँ छुपा रखे हैं तूने वो जादू, जो बसते हैं तेरे नैन।


चाँदनी भी शरमा जाए तेरे गालों की लाली के आगे,

सितारे भी झुक-झुक पूछें, किसके हैं ये मदमस्त नैन।


हवा में तेरी ख़ुशबू का पैघम लहराता है हर मौसम में,

मेरी रूह भी तेरी साँसों से बंधी है, तेरे ही तो हैं ये नैन।


"मनन" कहे, तेरे बिना ये ज़िन्दगी जैसे अधूरी कहानी,

हर जन्म में तुझे ही माँगे, तेरे प्यार भरे वो नैन।

காற்றுக்கென்ன பெயர்

 — தமிழுக்கும், அந்தத் தமிழை என் அய்யா கற்றுக்கொடுத்த நினைவுக்கும் ஒரு சிறு அஞ்சலி. இன்று காலை சிலப்பதிகாரம் மதுரைக் காண்டம் புரட்டிக் கொண்ட...