Saturday, May 13, 2023

रामचन्द्राय जनकराजजा मनोहराय

 


रामचन्द्राय जनकराजजा मनोहराय
मामकाभीष्टदाय महित मङ्गलम् ॥ पल्लवि॥

कोसलेशाय मन्दहासदासपोषणाय
वासवादि विनुत सद्वराय  मङ्गलम् ॥ १॥

चारुमेघ रूपाय  चन्दनादिचर्चिताय
हारकटकशोभिताय भूरिमङ्गलम् ॥ २॥

ललितरत्नमण्डलाय तुलसीवनमालिकाय
जलजसदृशदेहाय चारुमङ्गलम् ॥ ३॥

देवकी सुपुत्राय देवदेवोत्तमाय
भावजा गुरुवराय भव्यमङ्गलम् ॥ ४॥

पुण्डरीकाक्षाय पूर्णचन्द्र वदनाय
अण्डजा वाहनाय अतुलमङ्गलम् ॥ ५॥

विमलरूपाय विविधवेदान्तवेद्याय
सुमुखचित्तकामिताय शुभदमङ्गलम् ॥ ६॥

रामदासायमृदुल हृदयकमलवासाय
स्वामि भद्रगिरिवराय सर्वमङ्गलम् ॥ ७॥

No comments:

நீ சூரியனா, இல்லாங்காட்டி "சிங்கம்" சூரியாவா?

 காத்தாலயே கனலு மாரி  கரீட்டா  எந்திரிச்சு வந்து, படிக்கிற பசங்களுக்கு லைட்ட  பாஸ் பண்ணி  பேட்டகே ஃபேமஸ் ஆயிடுற நீ. தேவருங்க எல்லாம் ஒன்ன பா...