Monday, April 1, 2013

मौसम

कभी तेरी यादें मन में
लाती हैं सुहाना मौसम
ऐसा लगता है की मेरे शहर में
आया है हवा की इशारों का मौसम

कभी मन तो जज़्बात  के कब्ज़े में
विरहीन तडपने का मौसम
जैसे शिद्दत से गरजता बादल
ओलों तूफान बन्ने का मौसम

कभी सोचता हूँ  जल्दी आएगा
तुम्हें भूल जाने का मौसम
तो ऐसा लगता है की कश्मीर में
महसूस है रेगिस्थान का मौसम

कभी खुद की पहचान की तलाश में
तुम्हारी राह देखने का मौसम
हकीक़त साफ़ ज़ाहिर है अब मन में-
तुम खुद हो मेरे मौसमों का मौसम!



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