Friday, April 5, 2013

याद किया

आंखें  बंद कर ली मैंने
और याद किया उस हसीं चेहरे को
मेरी अंदर समा हो गयी  तुम
प्यार की आग बनके

कानों को बंद कर ली मैंने
और याद किया उस हसीं चेहरे को
गूँज उठी तुम्हारी सुरीली आवाज़
मुहब्बत का वेद बनके

बिना बोले, दिल को दोहराया मैंने
और याद किया उस हसीं चेहरे को
बेज़ुबां आशिक के गालों पे आई तुम
प्यार के अश्खें बनके

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