Tuesday, March 19, 2019

आपके साये हैं

कभी मत सोचना कि हम पराये हैं
हम हमेशा आप की  जान के साये हैं

आप के जुबां का छटा बहुत पड़ा है
ज़ख्म हुआ है, पर मुस्कुराते आये हैं

यह मत सोचना कि वह लम्हें बेमतलब हैं
उल्फत के नाम पे बदनाम बहुत पाये हैं 

अँधेरी रात में आपकी मेहफ़ूज़ ज़रूरी है, तो
आपकी  गली में हमेशा दिया जलाते आये हैं 

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