Friday, February 27, 2015

सितारों की बारातें



दिल में आजकल सितारों की बारातें आतें न कभी|
फरिश्तों का रोज़ाना नाचना भी होता न कभी|
इतनी बड़ी सीने में जगह की कमी बहुत है आजकल|
क्या करूं, फैली हुयी तुम्हारी यादें  हटती न कभी



धडकन में तेरा नाम की गूँज बंद हुई न कभी|
मेरे आईने में तेरा चेहरा देर तक था न कभी|
मेरा साया बनकर साथ में जो चलती हो तुम|
क्या कहूँ, तन्हाई में मैं तन्हा हूँ भी न कभी 

❤D

No comments:

Tariff-trums

I woke up to the US Supreme Court gutting the Trump tariffs. Frankly, the odds were always 50–50. Now that the hammer has dropped, here are ...