Friday, October 11, 2013

तुम मेरी हो

तुम्हारी चेहरे से लाल चुरा लूं
तुम्हें लूटकर अपना बना लूं।
मेरी सेज सूनी  है जिसको
तुम्हारी अंगडाई से खूब सजा लूं।

तुम्हारी आँखों की  एक ही इशारा करो
मेरे जीने का मक्सत ज़रूर दिखाया करो।
तोड़ दूंगा में इस दुनिया के हर रस्म को
सिर्फ  एक बार  मेरे दिल को पुकारा करो।

या तुम पास में आओ जब उल्फत हो जाय
या तस्वीर दो तुम्हारी जो दीदार किये जाय।
कौनसा गम है जो तुमने मुझे दी हो
न कुछ किया जाय, न तुम बिन रहा जाय।
❣D❣




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