Friday, July 18, 2025

नज़र आना

हर रात मेरी आँखों में बस तेरा उतर आना। 

हर रोज़ मेरी सांसों में चुपके से नज़र आना। 


हर बात में तुझे ही पुकारा है दिल ने

जैसे दुआ में हो बस तेरा ही नज़र आना। 


तेरी कमी में दिल ने कई शहर खो डाले

हर भीड़ में लगे तेरा ही नज़र आना। 


लम्हे जो तेरे बिन थे, वो ठहरे हुए से

जैसे नदियों में हो पत्थर का नज़र आना। 


हमने तुझे भुलाने की लाखों तरह कीं

पर क्या करें, न रुका तेरा नज़र आना। 


'मनन' ने जब भी आँखों को बंद कर देखा

थी रोशनी में भी बस तेरा ही नज़र आना। 

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