हर ख़ुशी से ख़ुसूरत तेरी शाम कर दूँ
अपना प्यार और दोस्ती तेरा नाम कर दूँ।
मिल गए अगर दुबारा यह ज़िंदगी
हर बार में यह ज़िंदगी तेरा नाम कर दूँ।
तेरी आँखों में जो मिल जाए मुझे अपना मुक़ाम
अपनी हर धड़कन को उसी के नाम कर दूँ।
तेरे होंठों की हँसी मेरी मोहब्बत का सलाम
अपनी हर सुबह तेरे नाम की शाम कर दूँ।
तू मिले तो क्या ज़रूरत फिर किसी ख़्वाब की
अपनी दुनिया तेरी चाहत के नाम कर दूँ।
तू कहे तो चाँद भी रख दूँ तेरे क़दमों में आज
अपनी हर ख़ुशियों का तुझसे इंतज़ाम कर दूँ।
मनन, तेरे इश्क़ में मिटना भी लगता है हसीं
अपनी हर साँस को तेरे नाम कर दूँ।
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