Thursday, April 30, 2020

सुहाना मौसम तेरे नाम



सुहाना मौसम तेरे नाम के साथ जुड़ा हुआ है।
उसी नाम का फर्श-ए-सितारें  मन में कूड़ा हुआ है।

बेक़ाबू दिल को यहां ढूँढा, पर बाद में पता चला
बस एक ही पल में तेरी ओर वह उड़ा हुआ है।

लोग ताजुब हैं कि मेरी आँखों में थकावट क्यूँ
उन्हें मालूम नहीं, तेरी याद में नींद छुड़ा हुआ है।

ग़लती से भी मुझसे कभी रूठा न करो, नूरी
लगता है मेरी खुशियां मुझसे निचुड़ा हुआ है।

शहर की बाक़ी औरतें तुम पर गुस्से में हैं, सनम  
हर शक़्स का ख़याल  तुझपर ही मुड़ा हुआ है।

Tuesday, April 28, 2020

Fear of the unknown

The Sun droops in the sea's horizon, yonder
My eyes over the glittering trail, I ponder.

The waves rumble rumble ashore, in might
But surrender at my feet, without a fight.

Just as they retreat after a quick feet kiss
They implore me to follow them into the abyss.

Maybe they want to show a whole new world
Where boundless happiness may have unfurled.

Fear of the unknown, though, holds me back
On my comfort zone, I am not cutting cut any slack.

I watch the vibrant daylight slowly die
Time, to bid another day in life good bye.

My gaze lingers on the water, some more
Wondering, what tomorrow has, in store.


Sunday, April 26, 2020

फूँक गया है

ख़ुमार का सागर तेरी पलकों पे रुक गया है। 
पर उससे निकला तूफ़ान हमें फूँक गया है।

तेरी लूटा हुआ दिल मेरे क़ब्ज़े में है - पर 
तेरी आँखें कह रही है कि कुछ चूक गया है। 

मिलान-ए-शाम पर सूरज डूबने की जल्द में है   
ऐसा लगा, वह भी शर्म के मारे झुक गया है।

मौक़ा दो, दिल पर आग-ए -इश्क़ जलाने का 
प्यार का चिराग़ तनहा जलकर थक गया है। 

अक़्सर लगा, कभी न आएंगे बहार-ए-इश्क़ 
तेरा सिर्फ इन हवाओं पर वह शक़ गया है।    

 


Saturday, April 25, 2020

वफ़ा-ए-प्यार

हमारा वफ़ा-ए-प्यार में  कुछ सादा नहीं रहा
पर हम यूँ बिछड़ गए, और वह वादा नहीं रहा।
बेकार में अश्कों का दामन मत बनाओ सनम
दिल-ए-मायूस में अब वह इरादा नहीं रहा ।

बुज़ुर्गों की दुआएं अब नाकाम रह गए हैं
अब मुझमें जीने का उन्स ज़्यादा नहीं रहा।

होटों पे जाम लगने से पहले नशा चढ़ गया है
यूँ लगता है, मैखाने का रास्ता सीधा नहीं रहा।

नींद खोकर रात की तलाश रात में भी करता हूँ
यूँ लगता है, दिन में अब आधा नहीं रहा।

तक़दीर का तमाशा कहूँ, या खुदा की बेबसी
बस मेरे लिए अब खुदा भी खुदा नहीं रहा।

Friday, April 24, 2020

जो नहीं होना था

बहुत कुछ हुआ, जो नहीं होना था
बहुत रोया भी था , जबके नहीं रोना था।
क्या बोलूं, जी तो भर गया था
मार बहुत खाया था , जो नहीं खाना था।


Wednesday, April 22, 2020

"சும்மா நடுங்குதுல்ல !"


30 நாளைத் தாண்டி
வீறு நடை போடுகிறது!!
உங்கள் அபிமான
விட்டு அரங்கில்....

அனுபவித்து மகிழுங்கள்!!

மோடியின் இயக்கத்தில்

"லாக்-டவுன்"


"சும்மா நடுங்குதுல்ல !"

Wednesday, April 15, 2020

नहीं देंगे

फुर्सत में कभी रहने नहीं देंगे
मन की बात कहने नहीं देंगे।
जितना भी बाढ़ क्यूँ न आये
पानी को बिलकुल बहने नहीं देंगे।


வாழ்க்கை எனும் பயணம்

 வாழ்க்கை சொல்லும் கதையெல்லாம் நாளை மறந்திடுமே, வாழ்ந்த தடங்கள் நாமில்லாமல் மண்ணில் மறைந்திடுமே! கல்லாய் கால்கள் கனத்தாலும்  நின்று விடாதே, ...