एक मन था मेरे पास, वो खोने लगा है,
पाकर तुझे, हाय मुझे कुछ होने लगा है,
रातों की नींद आँखों से रूठ सी गई,
दिल को तेरी यादों का रोग लगने लगा है।
दिल को तेरी यादों का रोग लगने लगा है।
ज़माने की कोई बंदिश अब रोक न पाएगी,
मेरा हर रास्ता तेरी तरफ मुड़ने लगा है।
मेरा हर रास्ता तेरी तरफ मुड़ने लगा है।
मौसम की पहली बारिश ने आग लगा दी,
इश्क़ का ये रंग मुझपे चढ़ने लगा है।
इश्क़ का ये रंग मुझपे चढ़ने लगा है।
'मनन' ने छोड़ दी दुनिया की परवाह करना,
सजदा अब बस तेरी चौखट पे होने लगा है।
सजदा अब बस तेरी चौखट पे होने लगा है।
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